शैव आगम — कामिकागम
अर्चना पूजा का दैनिक अनुष्ठान है, और कामिकागम में इसका अपना अध्याय है — चौथा, अर्चनाविधिपटल — और पाँचवाँ अध्याय इसके सहायक अंगों को समेटता है। यह ग्रंथ लगभग बारह हज़ार श्लोकों का एक शैव आगम है।
- विद्वत्ता: Kamikagama, Purva Pada, chapter 4 (Arcanavidhipatala) and chapter 5 (arcananga) wisdomlib.org · 2026-09-18 को देखा गया