वृक्ष-विवाह और उर्वरता
चबूतरे पर अक्सर दिखने वाला आपस में गुँथा जोड़ा संयोग नहीं है। पीपल को नर वृक्ष और नीम तथा केले को मादा माना जाता है, और वर्षा तथा उर्वरता सुनिश्चित करने के लिए दो वृक्षों का विवाह वैदिक रीति से कराया जाता है। विवाहित जोड़े की परिक्रमा इसी तर्क से निकलती है।
- विद्वत्ता: C. P. R. Environmental Education Centre, Sacred Trees of Tamil Nadu — the gendering of tree species and the rite of tree marriage ecoheritage.cpreec.org · 2026-09-18 को देखा गया